Wednesday, 2 January 2013

अलविदा वनडे क्रिकेट “सचिन”


                     
सचिन ने वनडे क्रिकेट से अलविदा बोल दिया हैं। भारत के तमाम क्रिकेट प्रेमियों कि तरह यह जानकारी मिलने पर मैं भी काफी चौकित हो गया। लेकिन सचिन के लिए स्थिति काफी विकट हो गया था। फैसला उन्हे करना था सो उन्होने यह फैसला किया। हमें उनकी इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। सचिन ने वनडे कैरियर की शुरूआत 18 दिसम्बर 1989 में पाकिस्तान के विरूध्द खेल कर की, उस समय टीम में और भी बड़े खिलाड़ी थे। लेकिन सचिन ने अपने लिए एक सम्मान लायक जगह बनाया। धीरे-धीरे सचिन भारत के वनडे क्रिकेट के टीम के एक अहम सदस्य बन गये। स्थिति का पता इससे चलता हैं कि सचिन के बिना भारतीय क्रिकेट टीम के बारे में विचार करना भी बेमानी सी लगती हैं। सचिन जिस नही खेलते भारत मैच हार जाता इससे उनके महत्व का पता चलता हैं। लेकिन आज भारतीय क्रिक्रेट में ओर भी खिलाड़ी हैं जिन्हे सचिन मौका देना चाहते हैं। जिससे उन्होने वनडे क्रिक्रेट से सन्यास लिया हैं। सचिन कहते हैं हमें 2015 के लिए टीम अभी तैयार करना होगा और वह अगला वर्ल्ड नही खेलना चाहते इसलिए अभी से ही अपने जूनियर खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए ताकि उस टीम अच्छा प्रदर्शन कर सकें।



विपुल समाजदार
नन्द्रग्राम, गाजियाबाद

कहीं भी सुरक्षित नही हैं महिला



जी हां मौजूदा सच्चाई से हम सभी बाकिफ हैं। लेकिन शायद हम यह मानने को तैयार नही हैं। दिल्ली में हुए गैंगरेप ने तो सबको जागाने का प्रेरणास्त्रोत बना। लेकिन हम सभी जानते हैं कि महिलाए न घरों में सुरक्षित हैं और न ही सड़कों पर इसके लिए जिम्मेदार भी हम सभी हैं। न जाने कितने रेप घर के रिशतेदार द्धारा लड़कियों के साथ किया जाता हैं। लेकिन यह रेप केस घरों के चारदीवारी में सिमट कर रह जाती हैं। लड़कियां लोग लज्जा के कारण अपनी पीड़ा को बताने में हिचकती हैं। शायद यही हमारी सभ्य समाज की नंगा तमासा हैं। हम तो इस पीडिता के साथ हुए बर्बर हिंसा कर रहे हैं। और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले इसकी भी मांग कर रहे हैं। लेकिन उस लड़की को और देश के तमाम रेप के पीड़िता लड़की को अगर सच्ची श्रृध्दांजलि देनी है हमे अपनी मानसिकता पर संयम रखना भी सीखना होगा। तभी देश में हो रहे लड़कियों के साथ अत्यचार पर काबू पाया जा सकेगा।






विपुल समाजदार
नन्द्रग्राम,गाजियाबाद